Mahakumbh

महाकुंभ: मै इलाहाबाद का रहने वाला हू पर कभी कुंभ मेला नहीं गया क्यू कि ये हमारी धार्मिक मान्यताऊ मे नही की हम दूसरो के धार्मिक स्थल पे जाए लेकिन कुछ समय पहले मुझे एक ऐसा सुनैरा मौका मिला कि मै कुंभ मेला पे स्टोरी banau| लेकिन जब मैंने कुंभ मेला जाने की इच्छा जताई तो घर वाले भी सपोर्ट करे लेकिन बोले संभल के रहना| फिर 2क्या हमको मौका मिल ही गया और मै कुंभ मेला के लिए निकल गया| पर पूरी रास्ते यही दर था कि कोई प्रॉब्लम ना हो q की मै ज्यादा वहां के बारे में जानता नहीं था| फिर मैंने अपने दोस्त आशीष पिल्लई को अपनी पूरी दिल कि दास्तान सुना दी और उसने मुझे हिम्मत दी कि जाओ और कुछ कर के दिखाओ अपने घर वालों के लिए | तब मेरे अंदर हिम्मत आई और मै कुम्भ मेला इलाहाबाद पहुचा |
और मैंने देखा ये वही कुंभ मेला है जिसमे हिन्दुओ को अपने जीवन काल मे एक बार जरूर इसनान करना चाहिए|महाकुंभ मे करोड़ो सराधालू सामिल होते हैं| और अपनी अपनी मनोकामना के साथ वो पवित्र जल मे डुबकी लगाते है| जो कि भोर मे 3 से 5 तक टाइमिंग होता है | ये सब देख के में अचंभाव रह गया और जो भी डर था मेरे अंदर उसको लेके वो सब गायब सा हो gya| अगले दिन mai भी उठा और सबके के साथ पवित्र जल मे इसनान kia अपने इच्छा लेके| और फिर मै भगवान ब्रह्मा के बारे मे पूरी जानकरी ली सराधा के भाव से गीता के कुछ अयद्यय को पढ़ा| और फिर mai अपने घर गया अपनी मा को पूरी कहानी btaya की waha क्या होता है और कैसे| लौटने से पहले मैंने अपने दोस्तो का धन्यवाद किया कि उन्होने ऐसे जगह मुझे जाने मे हेल्प किया jnha जके मेरा सभी dhrmo से प्यार उम्र अया और मेरी भावनाए बदल gyi |